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सिलिकॉन वैली के शीर्ष अधिकारियों से पीएम मोदी, जो बाइडेन ने की भारत में निवेश करने की अपील

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में सिलिकॉन वैली के कुछ सबसे शक्तिशाली अधिकारियों से मुलाकात की और कृत्रिम बुद्धिमत्ता(AI) व उन्नत विनिर्माण(Advanced Manufacturing) पर आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने की मांग की. व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में हुई इस बैठक में अल्फाबेट इंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई, माइक्रोसॉफ्ट कॉर्प के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्या नडेला और एप्पल इंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिम कुक शामिल हुए, जो अपनी कंपनी के आईफोन की इकाइयों को भारत लेकर आ रहे हैं. बैठक में टिक कुक, पीएम मोदी के बगल में ही बैठे थे.

 के मुताबिक, बाइडेन प्रशासन तेजी से भारत को चीन के खिलाफ एक प्रमुख हथियार के रूप में पेश कर रहा है. विशेष रूप से कोविड-19 से संबंधित आपूर्ति श्रृंखला व्यवधानों, बौद्धिक संपदा की चोरी और चिंताओं के बीच कि बीजिंग तकनीकी और सेमीकंडक्टर हब ताइवान को अपने साथ मिलाने की कोशिश करने में जुटा हुआ है. भारत भी महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों पर एक प्रमुख भागीदार बनने के लिए उत्सुक है. पीएम मोदी ने इस सप्ताह घोषणा की थी कि वह विशेष रूप से तकनीकी कंपनियों के लिए नियामक बाधाओं को दूर करने के लिए काम कर रहे हैं, ताकि अमेरिकी कंपनियों के लिए वहां निवेश करना आसान हो सके.

बाइडेन ने कहा, "हमारे देश नवाचार और सहयोग को एक नए स्तर पर ले जा रहे हैं. उन्होंने अधिकारियों को दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया. बाइडेन ने कहा, "हमें आपकी मदद की ज़रूरत है, और मैं इस टेबल पर मौजूद भारतीय और अमेरिकी सीईओ से बात कर रहा हूं, हमें इस पल का फायदा उठाने, हमारे समाजों, हमारी अर्थव्यवस्थाओं और हमारे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जोखिमों का प्रबंधन करने में मदद करने के लिए आपकी मदद की ज़रूरत है. नवाचार और सहयोग शायद ही कभी बाधाओं के बिना होते हैं, और इसलिए आप हमारी महत्वाकांक्षाओं को बढ़ाते हैं और मैं चाहता हूं कि आप हमें बताएं कि हमारी महत्वाकांक्षाओं के रास्ते में क्या बाधा है?"

गुरुवार को, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने कई आर्थिक सौदों के साथ एक राजकीय रात्रिभोज भी किया. बता दें कि माइक्रोन टेक्नोलॉजी इंक द्वारा भारत में सेमीकंडक्टर असेंबली और परीक्षण सुविधा के लिए $800 मिलियन से अधिक का निवेश करने की योजना बनाई है. वहीं, एप्लाइड मैटेरियल्स इंक ने व्यावसायीकरण और नवाचार के लिए एक नए सेमीकंडक्टर केंद्र की घोषणा की, जबकि चिप निर्माता लैम रिसर्च 60,000 इंजीनियरों के लिए भारत में एक प्रशिक्षण कार्यक्रम की घोषणा कर रही है.

बैठक में उपस्थित अन्य लोगों में एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेज इंक. की मुख्य कार्यकारी अधिकारी लिसा सु और बहुराष्ट्रीय विनिर्माण दिग्गज फ्लेक्स लिमिटेड की मुख्य कार्यकारी रेवती अद्वैथी शामिल थीं. शुक्रवार को हुई चर्चा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग पर उभरती चिंताओं पर भी चर्चा हुई, क्योंकि बाइडेन प्रशासन उभरती हुई प्रौद्योगिकी से संबंधित नियामक सुरक्षा उपाय तैयार कर रहा है.

बाइडेन ने कहा, "हमें उभरती प्रौद्योगिकियों के चारों ओर रेलिंग बनाने के लिए आपकी मदद की ज़रूरत है, ताकि वे भरोसेमंद हों, वे सुरक्षित हों और हमारे साझा मूल्यों और मानवाधिकारों को बनाए रखें."

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में भारत और अमेरिका के शीर्ष कार्यपालक अधिकारियों से भेंट के दौरान कहा कि अमेरिकी प्रौद्योगिकी और भारतीय प्रतिभा का साथ आना उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है.  व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति जो. बाइडन के साथ ‘टेक्नोलॉजी हैंडशेक' कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "यह सुबह कुछ ही मित्रों के साथ शुरू हुई है लेकिन यह उज्ज्वल भविष्य की गारंटी लेकर आई है." समारोह में अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन की उपस्थिति पर आभार प्रकट करते हुए मोदी ने कहा, "यह राष्ट्रपति बाइडन की दृष्टि और उनकी ताकत तथा भारत की आकांक्षाओं एवं संभावनाओं को लेकर आगे बढ़ने का बड़ा अवसर है."

पीएम मोदी ने कहा, "मुझे खुशी है कि राष्ट्रपति बाइडन के नेतृत्व में प्रौद्योगिकी के महत्व को समझते हुए अमेरिका ने इस क्षेत्र में प्रगति की है, …वहीं, भारत का युवा आज विश्व में अपनी पहचान बना रहा है. ऐसे में भारतीय प्रतिभा और अमेरिकी प्रौद्योगिकी का यह मिलन एक उज्ज्वल भविष्य के लिए गारंटी लेकर आया है,"

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमेरिका यात्रा को भारतीय अधिकारियों ने ऐतिहासिक और मील का पत्थर करार दिया है.

 

 

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