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Gautam Adani: हर्षद मेहता और जेफ बेजोस भी अडानी जैसों के शेयर खरीद अमीर हुए थे, बता क्या करूं भाई

नई दिल्ली/नोएडा: सुबह के नौ बज रहे हैं। नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी से दिल्ली जा रही मेट्रो का कोच खचाखच भरा है। ऑफिस का पीक टाइम है। मुंबई में शेयर बाजार में कारोबार दिन की शुरुआत बस होने को है। कोच में खड़ा एक शख्स फोन पर बात कर रहा है। बातचीत का मजमून कुछ इस तरह से है- 'अरे यार हर्षद मेहता और जेफ बेजोस भी तो अडानी जैसों के शेयर खरीदकर अमीर बने थे। बता न क्या करूं भाई?' फोन पर इस बातचीत में 30 से 35 उम्र का यह शख्स उलझन में है। दोस्त के साथ तर्क-वितर्क चल रहा है। 'फ्लिपकार्ट, नाइका, ऐमजॉन का मार्केट में यह हाल हो रहा होता, तो में सोचता भी नहीं, लेकिन गौतम अडानी का मार्केट में कोई सीधा कॉम्पिटिटर नहीं है। वह डूबने वाला नहीं है। अडानी की कंपनी डूबेगी तो मेरे 2 लाख डूब भी गए तो क्या? वह बन गया तो मेरे 2 लाख सीधे 10 लाख हो जाएंगे।' वह अपने दिल और दोस्त दोनों को तसल्ली देता है। शायद वह इरादा पक्का कर चुका है। क्या डूबते अडानी अमीर बना देंगे? क्या अडानी के शेयरों में पैसा लगाने का यह सही मौका है? मार्केट का मिजाज क्या कहता है? अडानी क्या इस मुश्किल से निकल आएंगे? ऐसे कई सवाल हैं, जो आम निवेशकों के मन में हैं। तो क्या वाकई अडानी के शेयरों को खरीदना समझदारी है। जानिए बाजार के जानकार कहते क्या हैं...

रसातल में गए अडानी के शेयर


कहां तो वो 10 दिन पहले दुनिया के दूसरे सबसे अमीर आदमी थे। अब उनकी संपत्ति रसातल में चली गई है। अभी तक उन्हें दुनिया का सबसे तेज गति से बढ़ता उद्योगपति बताया जा रहा था लेकिन हिंडनबर्ग से मिले झटके के बाद अडानी के शेयर पिछले 5 दिन से लगातार औंधे मुंह गिरता जा रहे हैं। अडानी ने अबतक 1 अरब डॉलर की संपत्ति गंवा दी है। महज 9 दिनों में दुनिया के टॉप अमीरों में शुमार अडानी अब टॉप 20 से बाहर हो गए हैं।

निवेशकों का भरोसा गिरा


ग्लोबल CIO के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) ग्रे डुगन ने कहा कि बाजार में अभी चीजें काफी तेजी से बदल रही हैं। विदेशी निवेशक भारतीय शेयरों में पैसा लगाने से पहले 100 बार सोचेंगे। निवेशक यहां पैसे का लगाने से पहले खतरे को भांपने की कोशिश करेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार अगर अडानी के शेयरों की कीमत इसी तरह गिरती रही लेकिन निवेशकों का कॉन्फिडेंस डोल जाएगा। ऐसे में बेहत अहम समय में ये भारत के विकास के लिए एक तरह से झटका होगा। अब सवाल उठता है कि क्या अडानी के गिरते शेयर अभी खरीदने का वक्त है। विशेषज्ञ कहते हैं कि अभी कुछ दिन तो निगरानी करनी पड़ेगी। इस कत्लेआम के बीच निवेश करना सही फैसला नहीं होगा।

Gautam Adani: हर्षद मेहता और जेफ बेजोस भी अडानी जैसों के शेयर खरीद अमीर हुए थे, बता क्या करूं भाई?

Gautam Adani Shares and Hindenburg Report: हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अडानी के शेयरों में भारी गिरावट का दौर जारी है। गौतम अडानी दुनिया के टॉप 20 अमीरों की लिस्ट से बाहर हो चुके हैं। वहीं उनकी कंपनियों पर देश-विदेश में रेटिंग एजेंसियां निगरानी सूची में डाल दिया है।

 

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हाइलाइट्स

  • हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के रसातल में जा रहे हैं अडानी के शेयर
  • दुनिया की टॉप 20 अमीरों की लिस्ट से बाहर हुए अडानी
  • डाउ जोंस से भी बाहर होगा अडानी एंटरप्राइजेज

नई दिल्ली/नोएडा: सुबह के नौ बज रहे हैं। नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी से दिल्ली जा रही मेट्रो का कोच खचाखच भरा है। ऑफिस का पीक टाइम है। मुंबई में शेयर बाजार में कारोबार दिन की शुरुआत बस होने को है। कोच में खड़ा एक शख्स फोन पर बात कर रहा है। बातचीत का मजमून कुछ इस तरह से है- 'अरे यार हर्षद मेहता और जेफ बेजोस भी तो अडानी जैसों के शेयर खरीदकर अमीर बने थे। बता न क्या करूं भाई?' फोन पर इस बातचीत में 30 से 35 उम्र का यह शख्स उलझन में है। दोस्त के साथ तर्क-वितर्क चल रहा है। 'फ्लिपकार्ट, नाइका, ऐमजॉन का मार्केट में यह हाल हो रहा होता, तो में सोचता भी नहीं, लेकिन गौतम अडानी का मार्केट में कोई सीधा कॉम्पिटिटर नहीं है। वह डूबने वाला नहीं है। अडानी की कंपनी डूबेगी तो मेरे 2 लाख डूब भी गए तो क्या? वह बन गया तो मेरे 2 लाख सीधे 10 लाख हो जाएंगे।' वह अपने दिल और दोस्त दोनों को तसल्ली देता है। शायद वह इरादा पक्का कर चुका है। क्या डूबते अडानी अमीर बना देंगे? क्या अडानी के शेयरों में पैसा लगाने का यह सही मौका है? मार्केट का मिजाज क्या कहता है? अडानी क्या इस मुश्किल से निकल आएंगे? ऐसे कई सवाल हैं, जो आम निवेशकों के मन में हैं। तो क्या वाकई अडानी के शेयरों को खरीदना समझदारी है। जानिए बाजार के जानकार कहते क्या हैं...


रसातल में गए अडानी के शेयर


कहां तो वो 10 दिन पहले दुनिया के दूसरे सबसे अमीर आदमी थे। अब उनकी संपत्ति रसातल में चली गई है। अभी तक उन्हें दुनिया का सबसे तेज गति से बढ़ता उद्योगपति बताया जा रहा था लेकिन हिंडनबर्ग से मिले झटके के बाद अडानी के शेयर पिछले 5 दिन से लगातार औंधे मुंह गिरता जा रहे हैं। अडानी ने अबतक 1 अरब डॉलर की संपत्ति गंवा दी है। महज 9 दिनों में दुनिया के टॉप अमीरों में शुमार अडानी अब टॉप 20 से बाहर हो गए हैं।


ग्लोबल CIO के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) ग्रे डुगन ने कहा कि बाजार में अभी चीजें काफी तेजी से बदल रही हैं। विदेशी निवेशक भारतीय शेयरों में पैसा लगाने से पहले 100 बार सोचेंगे। निवेशक यहां पैसे का लगाने से पहले खतरे को भांपने की कोशिश करेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार अगर अडानी के शेयरों की कीमत इसी तरह गिरती रही लेकिन निवेशकों का कॉन्फिडेंस डोल जाएगा। ऐसे में बेहत अहम समय में ये भारत के विकास के लिए एक तरह से झटका होगा। अब सवाल उठता है कि क्या अडानी के गिरते शेयर अभी खरीदने का वक्त है। विशेषज्ञ कहते हैं कि अभी कुछ दिन तो निगरानी करनी पड़ेगी। इस कत्लेआम के बीच निवेश करना सही फैसला नहीं होगा।
रेटिंग एजेंसियां भी निवेशकों को रही हैं सतर्क
ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विस Natixix SA एशिया-प्रशांत के मुख्य अर्थशास्त्री अलिसा गार्शिया (Alicia Garcia) ने कहा कि अडानी का मामला सही समय पर सामने नहीं आया है क्योंकि चीन अब पूरी तरह से अपनी सीमा खोल रहा है। एपल इंक चीन की जगह भारत में निवेश की तैयारी में जुटा है। ऐसे में अडानी प्रकरण पर दुनिया के निवेशक बड़ी बारीक नजर रख रहे होंगे।

देश की अर्थव्यवस्था पर भी होगा असर


ज्यूरिख स्थित GAM इन्वेस्टमेंट के फंड मैनेजर जियान शाइ क्रोट्सी ने कहा कि अडानी की खबरें नकारात्मक माहौल बना रहे हैं। ऐसे में विदेशी निवेशक भारतीय शेयरों में पैसे लगाने से पहले जरूर सोचने लगेंगे। उन्होंने कहा कि हालांकि हम ये नहीं कह रहे हैं भारतीय बाजार के अडानी के कारण गिर रहे हैं लेकिन इसका असर ये हो सकता है कि भारतीय बाजार चीन की तुलना में कमजोर हो सकते हैं।
 

निवेशकों के डूब गए 10 लाख करोड़!


हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद से अडानी के शेयरों में जोरदार बिकवाली हो रही है। अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी ट्रांसमिशन, अडानी ग्रीन एनर्जी, अडानी पावर, अडानी टोटल गैस, अडानी विल्मर, एनडीटीवी जैसी अडानी की कंपनियों के शेयर में भारी गिरावट आई है और निवेशकों के 10 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए हैं।

अडानी की बढ़ी मुसीबत


अडानी की मुसीबतों कम होने के बजाए बढ़ ही रही है। डाउ जोंस सस्टेनबिलिटी इनडायसेस ने कहा है कि वो अडानी एंटरप्राइजेज को ईएसजी इंडेक्स से हटा रहा है। उधर क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने कहा है कि वह अडानी की आउटस्टैंडिंग रेटिंग को अब निगरानी में रख चुका है।

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